वर्ष 2022 में प्रॉपटेक कंपनियों में स्थिर निवेश हुआ, आवक थोड़ी गिरावट के साथ 719 मिलियन यूएस डॉलर रही : Housing.com की रिपोर्ट

2023 की पहली छमाही में, भारत में प्रॉपटेक निवेश ने 4 बिलियन डॉलर का आंकड़ा पार किया 

शेयर्ड इकॉनमी प्लैटफॉर्म्स (को-लिविंग और को-वर्किंग), कंस्ट्रक्शन टेक्‍नोलॉजी में सबसे अधिक फंडिंग मिली

नई दिल्ली : Housing.com द्वारा जारी एक विस्तृत रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में आर्थिक अनिश्चितताओं के बावजूद, वर्ष 2022 में प्रॉपटेक कंपनियों में थोड़ी गिरावट के साथ फंडिंग 719 मिलियन यूएस डॉलर पर पहुँच गई। लेकिन प्रॉपटेक सेक्टर ने लचीलापन दर्शाया है, जैसा कि वर्ष 2009 से 2022 के बीच इस सेक्टर में शानदार 49 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (सीएजीआर) के साथ करीब 4 बिलियन यूएस डॉलर का संचयी निवेश हुआ।

स्रोत : वेंचर इंटेलिजेंस,Housing.com का अनुसंधान 
 
Housing.com, PropTiger.com & Makaan.com के ग्रुप सीईओ, श्री ध्रुव अगरवाला ने इस सेक्टर के परफॉर्मेंस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि, “2022 में पूरे साल वैश्विक उथल-पुथल के बीच भी प्रॉपटेक के क्षेत्र में निवेश स्थिर बना रहा। पिछले दशक के दौरान और विशेषकर पिछले तीन वर्षों में रियल एस्टेट सेक्टर ने अभिनव टेक्नोलॉजी अपनाने में बड़ी छलाँग लगाईं है। कोविड-19 की वैश्विक महामारी और उसके बाद के लॉकडाउन्स ने उत्प्रेरक का काम किया जिससे पूरे उद्योग में टेक्‍नोलॉजी को अपनाने में काफी तेजी आई।”

हालाँकि प्रॉपटेक कंपनियों में पिछले साल फंडिंग में 742 मिलियन यूएस डॉलर से मामूली गिरावट आई, लेकिन उद्योग के भीतर कुछ सेग्मेंट्स में निवेशकों की काफी रुचि नजर आई। उल्लेखनीय रूप से, शेयर्ड इकॉनमी प्लैटफॉर्म्स, जैसे कि को-लिविंग और को-वर्किंग ने कुल फण्ड आवक के 64 प्रतिशत के साथ बहुलांश हिस्सेदारी दर्ज की। निवेशकों के विश्वास का श्रेय इन सेग्मेंट्स में दृष्टिगोचर वृद्धि की संभावना को दिया जा सकता है।

इसके अलावा, कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी समाधान प्रदान करने वाली प्रॉपटेकक कंपनियों को वर्ष 2022 में कुल फंडिंग का 15 प्रतिशत प्राप्त हुआ। इस रुझान से उच्च गुणवत्ता के मानदंड कायम रखते हुए कंस्ट्रक्शन टाइम कम करने पर रियल एस्टेट डेवलपर्स के बढ़ते जोर का पता चलता है। भारत जैसे देशों में, जहाँ निर्माण चक्र के बढ़ने के कारण प्रोजेक्ट की लगत बढ़ जाती है, प्रभावकारी प्रोजेक्ट प्रबंधन के लिए प्रॉपटेक समाधानों का अधिकाधिक लाभ उठाया जा रहा है।
श्री अगरवाला ने बताया कि, “कॉर्पोरेट्स की ओर से लचीले वर्कस्पेस समाधानों के लिए बढ़ती माँग से प्रेरित होकर को-वर्किंग सेगमेंट में पिछले तीन वर्षों में तेज विस्तार देखने को मिला है।”

कोविड-19 महामारी के दौरान स्कूलों और कॉलेजों के अस्थायी बंदी के कारण आसन्न चुनौतियों के बावजूद को-लिविंग सेगमेंट ने शैक्षणिक संस्थानों और कार्यालयों के फिर से खुलने के साथ उल्लेखनीय वापसी की। को-लिविंग परिचालकों ने, जिन्होंने महामारी के झोंकों का सामना किया था, तेज गिरावट के बाद बेहतर क्वालिटी के भाड़े के आवासन के लिए भारी माँग के साथ उसी अनुपात में तेज वी-आकार में वापसी की।

2009 से 2023 के बीच, भारत में प्रॉपटेक निवेश में शेयर्डइकॉनमी सेक्‍टर सबसे आगे रहा, और कुल निवेश में इसका योगदान 40 प्रतिशत रहा, इसके बाद 24 प्रतिशत की हिस्‍सेदारी के साथ बिक्री एवं विपणन का स्‍थान रहा। 

भारत में प्रॉपटेक निवेश में 2010 के बाद से 49 प्रतिशत की सीएजीआर की दर से वृद्धि हुई है और शेयर्ड इकॉनमी एवं बिक्री एवं विपणन जैसे सेगमेंट में मूल्‍य के लिहाज से उल्‍लेखनीय निवेश दर्ज किया गया।
2023 की पहली छमाही में, भारत में संचयी प्रॉपटेक निवेश ने 4 बिलियन डॉलर (2009 के बाद से) का आंकड़ा पार कर लिया। इसे खासतौर से पिछले कुछ सालों में रियल एस्‍टेट में तकनीक को अपनाने में आई तेजी से समर्थन मिला है। 

इस रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए Housing.com, PropTiger.com & Makaan.com की हेड ऑफ़ रिसर्च, सुश्री अंकिता सूद ने कहा कि, “भारत का प्रॉपटेक सेक्टर विकसित हो रहा है। दुनिया भर में विपरीत परिस्थितियों के बावजूद, वर्ष 2022 में निवेश अपने ऐतिहासिक शिखर से थोड़ा नीचे 719 मिलियन यूएस डॉलर पर पहुँच गया। विक्रय, विपणन और शेयर्ड इकॉनमी में आ रहे निवेश के साथ माँग के पहलू में तकनीक को अपनाया जाना एकदम स्पष्ट है। आपूर्ति के पहलू की बात करें तो इसमें भी तकनीक तेजी से बढ़ रही है, जैसा कि इस अवधि में कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी में 109 मिलियन यूएस डॉलर, या कुल निवेश का 15% पाप्त हुआ।” 

सुश्री सूद ने आगे कहा कि, “पिछ्ले आधे दशक में निवेश में जबरदस्त वृद्धि देखने को मिली है, जिससे पता चलता है कि वैश्विक बाज़ार में भारत के प्रॉपटेक सेक्टर का एक प्रतिष्ठित स्थान है। आज रियल एस्टेट के जीवनचक्र में संपत्ति का पता करने से लेकर सौदा पूरा करने तक, सभी चरणों में तकनीक का प्रयोग किया जा रहा है। इससे समय और मूल्यन में भी कमी हो रही है, और साथ ही सभी हितधारकों के लिए प्रक्रियाएँ ज्यादा कार्यकुशल और व्यवस्थित हो रही हैं।”

साल
निवेश (मिलियन डॉलर में) 
वर्ष दर वर्ष % बदलाव
सौदों की संख्‍या 
वर्ष दर वर्ष % बदलाव
2009
0.2

1
 
2010
6.1
2673%
1
0%
2011
9
50%
4
300%
2012
15
65%
3
-25%
2013
51
236%
10
233%
2014
203
301%
12
20%
2015
127
-38%
30
150%
2016
168
32%
30
0%
2017
206
23%
28
-7%
2018
527
156%
34
21%
2019
549
4%
43
26%
2020
551
0%
29
-33%
2021
742
35%
23
-21%
2022
719
-3%
38
65%

ध्‍यानार्थ – सौदों में जनवरी 2009 से जून 2023 के बीच ऋण, पीआईपीई (सार्वजनिक संस्थानों में निजी निवेश), स्पेशल पर्पज व्हीकल्स (एसवीपी) में पीई निवेश, प्रोजेक्ट-स्तरीय निवेश, आईपीओ-पूर्व पीवी सौदे, और खरीद शामिल है। अघोषित राशि के साथ किये गए सौदों को बाहर रखा गया है।

स्रोत – वेंचर इंटेलीजेंस, हाउसिंग रिसर्च 

रिपोर्ट में ऋण, पीआईपीई (सार्वजनिक संस्थानों में निजी निवेश), स्पेशल पर्पज व्हीकल्स (एसवीपी) में पीई निवेश, प्रोजेक्ट-स्तरीय निवेश, आईपीओ-पूर्व पीवी सौदों, और खरीद सहित निवेश के विभिन्न सौदों को शामिल किया गया है। लेकिन पारदर्शिता बनाए रखने के लिए अघोषित राशि के साथ किये गए सौदों को विश्लेषण से बाहर रखा गया है।

संक्षेप में, जहाँ प्रॉपटेक सेक्‍टर में वर्ष 2022 के दौरान फंडिंग में मामूली गिरावट देखी गई, वहीं इसका समग्र वृद्धि चक्र सकारात्मक बना हुआ है। शेयर्ड इकॉनमी प्लैटफॉर्म्स और कंस्ट्रक्शन टेक्नोलॉजी समाधानों में शानदार निवेश सतत प्रगति और विकास के लिए टेक्नोलॉजी का लाभ उठाने के प्रति उद्योग की वचनबद्धता का प्रमाण है।