सपा महानगर अध्यक्ष आश्रय गुप्ता पार्टी कार्यक्रमों को लेकर निष्क्रिय

सपा महानगर अध्यक्ष आश्रय गुप्ता पार्टी कार्यक्रमों को लेकर निष्क्रिय

नोएडा। इन दिनों जहां एक तरफ नोएडा शहर श्रमिकों के संघर्ष से जूझ रहा है वहीं दूसरी ओर विभिन्न राजनीतिक दल चैन की बंसी बजा रहे हैं एक तरफ जहां प्रदेश चुनाव की दहलीज पर खड़ा है वहीं दूसरी ओर सभी राजनीतिक दल गहरी नींद में सोए हुए हैं सत्ता पक्ष की तो समझ में आती है कि वह अपने जीत को लेकर आशवस्त है लेकिन विपक्षी दलों की निष्क्रियता भी उतने ही प्रश्न चिन्ह खड़े करती है जहां एक और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव दादरी में हुई रैली को लेकर उत्साहित हैं और प्रदेश में चुनाव का बिगुल बजा चुके हैं वहीं दूसरी ओर  संगठन के महानगर अध्यक्ष आश्रय गुप्ता पार्टी कार्यक्रमों को लेकर बिल्कुल निष्क्रिय है 

पिछले पखवाड़े में समाजवादी पार्टी द्वारा विभिन्न महापुरुषों की जयंती के कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश पार्टी कार्यालय की तरफ से सभी जिला अध्यक्षों को दिया गया था जिसमें महात्मा ज्योतिबा फुले जी की जयंती और महान सम्राट अशोक की जयंती प्रमुख रूप से मनाने का आदेश प्रदेश अध्यक्ष ने दिया था परंतु दोनों ही कार्यक्रमों में नोएडा महानगर अध्यक्ष डॉक्टर आश्रय गुप्ता की अनुपस्थिति ने पार्टी के प्रति उनके समर्पण और उदासीनता को जग जाहिर कर दिया दोनों ही कार्यक्रमों  में वह उपस्थित नहीं थे दोनों ही कार्यक्रम उनके स्थान पर महानगर महासचिव विकास यादव द्वारा अपने कार्यालय पर आयोजित किए गए लेकिन महानगर अध्यक्ष की अनुपस्थिति पर कार्यकर्ता खुसर फुसर करते हुए नजर आये

बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी की जयंती जो 14 अप्रैल को पूरे देश और प्रदेश में जोश और धूमधाम से मनाई गई उनकी जयंती को लेकर भी पार्टी और संगठन में बिखराव नजर आया और संगठन के महत्वपूर्ण पदाधिकारीयों के बीच तालमेल का अभाव साफ दिखाई दिया जहां महानगर महासचिव विकास यादव ने अपने कार्यालय पर अंबेडकर जी की जयंती के उपलक्ष में शानदार कार्यक्रम किया और भंडारे का आयोजन किया वहीं दूसरी ओर महानगर अध्यक्ष द्वारा कई स्थानों पर छोटे-छोटे कार्यक्रम किए गए जिसमें कार्यकर्ताओं की उपस्थिति बहुत कम रही

संगठन के कार्यकर्ताओं के अनुसार यदि सभी कार्यक्रम एक ही स्थान पर होते तो बहुत भव्यता के साथ कार्यक्रम आयोजित होते लेकिन पदाधिकारीयो के बीच तालमेल की कमी की वजह से इतने महत्वपूर्ण कार्यक्रम पर भी समाजवादी पार्टी अपनी छाप नहीं छोड़ पाई