किडज़ानिया में जारी है - स्टैम मेटावर्स के सहयोग से इनोवेटर्ज समर कैम्प 2026

किडज़ानिया में जारी है - स्टैम मेटावर्स के सहयोग से इनोवेटर्ज समर कैम्प 2026

नई दिल्ली: गर्मियों की इन छुट्टियों में देश के सबसे पसंदीदा एजुटेनमेंट पार्क किडज़ानिया इंडिया ने स्टैम (STEM) मेटावर्स के साथ मिलकर इनोवेटर्ज़ (InnovatorZ) समर कैम्प 2026 लॉन्च किया है। स्टैम मेटावर्स एक एजुकेशन टेक्नोलॉजी प्लैटफॉर्म है जो प्रैक्टिकल फ्यूचर रेडी स्किल पर फोकस करता है। यह सर्वमान्य तथ्य है कि बच्चे जब खुद करते हैं तभी वे अच्छी तरह सीखते हैं, इसी तथ्य के मद्देनजर किडज़ानिया और स्टैम मेटावर्स की यह साझेदारी इमर्सिव परिवेश और अप्लाइड लर्निंग को एक साथ लेकर आई है ताकि एक ऐसा प्रोग्राम बनाया जा सके जहाँ बच्चों की जिज्ञासा ही उनकी पथप्रदर्शक बन जाए। चार सप्ताह तक चलने वाला यह कैम्प दिल्ली एनसीआर और मुंबई के विद्यार्थियों को प्रैक्टिकल एक्सप्लोरेशन के ज़रिए STEM, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंजीनियरिंग, एयरोमॉडलिंग, स्ट्रक्चरल डिज़ाइन, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IOT) और डिज़ाइन थिंकिंग से परिचित कराता है।

यहां वास्तविक दुनिया जैसा परिवेश बनाकर बच्चों को सीखने का मौका दिया जा रहा है। इस अनुभव से बच्चे प्रोत्साहित होते हैं कि वे ज्यादा गहराई से जुड़ें, उन्मुक्त भाव से प्रयोग करें और अपने विचारों को असलियत में बदलते देख सकें।

इस प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य ट्रायल-एंड-एरर अप्रोच है। यहां स्टूडेंट्स को परफेक्ट परिणामों के लिए गाइड नहीं किया जाता, बल्कि उन्हें बनाने, जांचने, नाकाम होने और पुनः प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि सीखने का सफर चुनौतीपूर्ण और सुगम दोनों लगे, कैम्प को तीन आयु वर्गों में बांटा गया है, और हर समूह उत्तरोत्तर इमर्सिव अनुभव प्राप्त करता है।

3 से 5 साल के सबसे छोटे प्रतिभागी बच्चों के लिए ध्यान इस पर दिया गया है कि उनके मन में जिज्ञासा जगाई जाए। उनका सफर आवाज़ों की भूलभुलैया, डिजिटल पिगी बैंक और इलेक्ट्रिक वॉटर गन बनाने जैसी गतिविधियों के ज़रिए विद्युत के सरल किंतु दिलचस्प एक्सप्लोरेशन से आरंभ होता है। जैसे-जैसे हफ्ते बीतते हैं, वे पैराशूट और ग्लाइडर के साथ बेसिक एयरोमॉडलिंग करते हैं, पुल और वायर्ड मिनिएचर हाउस बनाकर स्ट्रक्चरल कॉन्सेप्ट के साथ एक्सपेरिमेंट करते हैं और फिजिकल और स्क्रैच बेस्ड गेम्स के ज़रिए प्रारंभिक डिज़ाइन थिंकिंग से परिचित होते हैं।

6 से 8 साल के बच्चे ज्यादा डायनैमिक प्रॉब्लम सॉल्विंग में कदम रखते हैं। IOT लैब में, वे काम करने वाले ट्रैफिक सिस्टम और सेंसर-बेस्ड स्ट्रीटलाइट के साथ मिनिएचर शहरों को जीवंत करते हैं। उनके एयरोमॉडलिंग प्रोजेक्ट रबर से चलने वाले हेलीकॉप्टर और स्टॉम्प रॉकेट के साथ उड़ान भरते हैं, जबकि बाद के मॉड्यूल उन्हें बर्गलर अलार्म, ब्रेडबोर्ड कार और एलईडी फ्लैशलाइट बनाने की चुनौती देते हैं। यह अनुभव स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग कॉन्सेप्ट पर समाप्त होता है, जहाँ वे काइनेटिक स्ट्रक्चर और सिटी प्लानिंग को ज्यादा अप्लाइड, सिस्टम ड्रिबन तरीके से एक्सप्लोर करते हैं।

9 से 12 साल के बच्चों के लिए, यह प्रोग्राम एडवांस्ड क्रिएशन और रियल-वर्ल्ड एप्लीकेशन की ओर जाता है। इसमें भाग लेने वाले विद्यार्थी ऐप-कंट्रोल्ड होम ऑटोमेशन सिस्टम और बायोमेट्रिक स्मार्ट लॉक पर काम करते हैं, ड्रोन और टू-स्टेज रॉकेट के साथ एक्सपेरिमेंट करते हैं, और डेटासेट प्रोसेसिंग एवं बेसिक एलएलएम बिल्डिंग के ज़रिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दुनिया में कदम रखते हैं। इस सफर में कैड (CAD) आधारित श्रीडी प्रिंटिंग भी शामिल है, जिससे वे अपने विचारों के बल पर डिज़ाइन और प्रोड्यूस कर सकते हैं।

किडज़ानिया इंडिया की हेड मार्केटिंग, विकिता चौधरी ने कहा, "किडज़ानिया इंडिया में, प्रभावपूर्ण शिक्षा के बारे में हमारा मूल विश्वास यह है कि यह इमर्सिव, एंगेजिंग और वास्तविक दुनिया के अनुभवों पर आधारित होनी चाहिए। इनोवेटर्ज़ समर कैम्प 2026 के लिए स्टैम मेटावर्स के साथ हमारा गठबंधन इसी फलसफे से गहराई से जुड़ा है। किडज़ानिया इंडिया हमेशा से एक ऐसी जगह रही है जहाँ बच्चे बड़ों की भूमिका निभाते हैं और खुद प्रयोग करके वे दुनिया के बारे में ज्यादा जानने का प्रयास करते हैं, और यह कैम्प बच्चों को उन कौशलों से रूबरू कराता है जो भविष्य की दुनिया में सबसे आगे होंगे। इस साझेदारी के ज़रिए, बच्चे मज़ेदार और व्यावहारिक परिवेश में प्रयोग कर पाएंगे, कुछ बना पाएंगे, समस्याओं को सुलझा पाएंगे और फ्यूचर-रैडी स्किल्स को एक्सप्लोर कर पाएंगे। हर गुजरते साल के साथ, हमारे समर कैम्प मनोरंजन से आगे बढ़ते जा रहे हैं। हम ऐसे अनुभव लाते रहने की कोशिश करते हैं जो शिक्षण को रचनात्मकता, इनोवेशन और व्यावहारिक अनुभव के साथ जोड़ते हैं।"11

स्टैम मेटावर्स की सीईओ, सह-संस्थापक, ऋतिका अमित कुमार ने कहा, "अधिकांश स्टैम प्रोग्राम बच्चों को वास्तविक दुनिया की कल्पना करने के लिए कहते हैं। जब एक बच्चा एक ऐसे शहर के अंदर सेंसर-आधारित स्ट्रीटलाइट प्रोग्राम करता है, जहां वास्तविक सड़कें, इमारतें और एक अर्थव्यवस्था है, तो वह वास्तविक परिवेश में सीखता है। वातावरण और पाठ्यक्रम के बीच समानता दुर्लभ है, और यही कारण है कि किडज़ानिया के साथ हमारी यह सहभागिता सार्थक हुई है।"

जैसे-जैसे एजुटेनमेंट लगातार बढ़ रहा है, किडज़ानिया इंडिया इस पुनःकल्पना में सबसे आगे है कि बच्चे क्लासरूम से परे किस तरह सीख पाएं। और इस तरह की कोशिशें यह दर्शाती हैं कि स्कूलों में छुट्टियों का उपयोग किस प्रकार सृजनात्मक तरीके से किया जा सकता है। स्टैम मेटावर्स के साथ अपनी साझेदारी के ज़रिए, किडज़ानिया इंडिया अपने इमर्सिव, रोल-प्ले वाले माहौल को फ्यूचर-फोकस्ड स्किल बिल्डिंग में बढ़ा रहा है, जिससे यह बात और पुख्ता होती है कि गर्मी अब सिर्फ सुस्ताने का समय नहीं है, बल्कि बच्चों के लिए रचनात्मकता, आज़ादी और वास्तविक दुनिया की समस्याओं को अर्थपूर्ण ढंग से सुलझाने का सुअवसर है।

दिल्ली एनसीआर सैशन अभी 1 जून से 30 जून 2026 तक चल रहे हैं।