जीव जंतुओं को अपना निवाला ना बनाएं - उमाकांत महाराज
गाजीपुर पूर्वांचल कोल्ड स्टोरेज सआदतपुर में बाबा जय गुरुदेव संगत के तत्वाधान में सत्संग का आयोजन किया गया। बाबा जय गुरुदेव महाराज के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी संत उमाकांत महाराज (उज्जैन वाले) ने प्रवचन और अनुयायियों को नाम दान दिया इस मौके पर संत उमाकांत महाराज ने कहा कि यह मनुष्य शरीर सिर्फ खाने पीने के लिए नहीं मिला है किसी विशेष चीज के लिए मिला है इसके लिए देवी देवता भी तरसते हैं कोई संत सतगुरु मिल जाए और वह नाम रूपी रास्ता लेकर जीवन को पार लगाने आते हैं बताया कि यह जन्म अच्छे कर्म करने के लिए मिलता है लेकिन इसी में हम शरीर को पापी बना लेते हैं जबकि सत्य यह है कि एक दिन मृत्यु आनी है कहा कि आप मनुष्य शरीर को अंदर या बाहर से मांस मछली शराब इत्यादि का सेवन करके गंदा कर लेते हैं इस शरीर और आत्मा की शुद्ध कर ले। भगवान ने इंसान के रूप में हम सबको धरती पर भेजा है हमारा परम कर्तव्य है कि हम जन्म देने वाली मां और पिता के साथ-साथ भाई-बहन और अन्य संबंधितों से प्रेम पूर्वक और निस्वार्थ भाव से मिले आज के परिवेश में स्वार्थपूर्ण व्यवहार दिखाई दे रहा है जिसके फल स्वरुप आए दिन छोटी बड़ी घटनाएं परिवार से निकलकर समाज तक पहुंचती है जीव जंतुओं से प्यार करें उनको अपना निवाला ना बनाएं इस मौके पर सत्संग में रामदास यादव मुरली सिंह कुशवाहा रामविलास यादव रमेश यादव, मिथिलेश चौरसिया,विनोद यादव सहित क्षेत्र के अन्य लोग मौजूद रहे।


