भारत का एप 176 देशों में होगा लॉन्च, देगा फेसबुक, व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम, ट्विटर को टक्कर
हौसलों की उड़ानः श्योपुर के युवाओं ने दी मार्क जुकरबर्ग, जैक डोरसी, व केविन सिस्ट्रॉम, को चुनौती, 176 देशों में लॉन्च किया फिजिटल एप
प्रतिभा किसी बड़े शहर व विकसित देश की मोहताज नहीं होती। प्रतिभा तो जहां होती हैं अपनी चमक बिखेर ही देती हैं। यह बात अलग है कि अवसर के अभाव में कई बार प्रतिभा सामने आने से पहले ही खत्म हो जाती है। ऐसी ही प्रतिभा श्योपुर में पंचर जोड़ने वाले का बेटा मिस्टर Wake और आदिवासी वर्ग से आने वाले अंकित कुमार लकड़ा एप तैयार करने में कामयाबी हांसिल की है जो फेसबुक, इंस्टाग्राम, ट्विटर का न सिर्फ विकल्प होगा बल्कि उक्त सोशल मीडिया में मौजूद सुविधाओं से बेहतर सुविधा उपलब्ध कराएगा। यह एप भारत का अपना एप होकर विदेशी एप का विकल्प बन सकता है। "फिजिटल" के नाम से लाँच किए गए इस एप का शुभारंभ रविवार को किया गया। इसकी जानकारी देते हुए एप के सीईओ मिस्टर Wake ने बताया कि इस एप को विश्वभर की प्रोग्राम बनाने वाली कंपनियों, विभिन्न एप और सोशल मीडिया के माध्यम से सेवा उपलब्ध कराने वाली कंपनियों की पड़ताल मिस्टर Wake के द्वारा करने के बाद तैयार किया गया है। हमने दो साल का समय इसीलिए लगा दिया कि हम अपने एप में वो कमियां दूर करना चाहते थे जो दूसरे एप में व्याप्त है, जिसकी वजह से आम लोगों को परेशानी भी उठानी पड़ती है। इस एप में लोग फर्जी अकाउंट नहीं बना सकते हैं। यह एप रोजगारोन्मुखी होकर सभी वर्ग का समावेश इसमें किया गया है। विद्यार्थी लाइफ में बिना अपने परिवार की मदद लिए इस एप को बनाने के दौरान इन युवाओं को फाइनेंसल सपोर्ट शहनवाज नागौरी ने किया है। युवाओं का दावा है कि यह एप हमने 176 देशों में एक साथ लाँच कर दिया है। शीघ्र ही यह एप दुनिया के अन्य एपों से ऊपर होगा।
तो बनेगा भारत के लिए सशक्त - केन्द्र सरकार सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक प्रचार-प्रसार और उनके द्वारा फैलाई जा रही राष्ट्रविरोधी गतिविधियों से परेशान होकर उन्हें बंद करना चाहती है। अमेरिका सहित सभी यह विदेशी एप सरकार बंद तो कर देगी, लेकिन हर भारतीय के मोबाइल में यह एप न सिर्फ डाउनलोड हैं, बल्कि इनके बिना एक ठहराव सा मानवीय जीवन में आने की संभावना हैं, इसके चलते उक्त एप और सोशल मीडिया को बैन करने से विरोध अधिक बढ़ सकता है और सरकार के पास इनका विकल्प भी नहीं है, लेकिन फिजिटल एप इसका विकल्प बन सकता है।
एक घंटे में करा सकते हैं देश का चुनाव संपन्न - फिजिटल एप में सामुदायिक सहभागिता को अधिक जोर दिया गया है। लोग अपना समय खर्च किए बिना अधिकतर काम कर सके इसके लिए एप व्यवस्था की है। इस क्रम में चुनाव संबंधित मटेरियल भी डाला गया है। फिलहाल यह एप सामाजिक, धार्मिक संस्थाओं के चुनाव एप के माध्यम से कराकर तत्काल रिजल्ट दे सकता है। आयोजकों की योजना है कि इसे 2035-2040 तक इतना विकसित कर दिया जाए कि भारत निर्वाचन आयोग इसका उपयोग देश-प्रदेश के चुनाव में कर सके। आयोजकों का दावा है कि इस एप के माध्यम से एक घंटे में देश की लोकसभा के चुनाव कराकर रिजल्ट दिया जा सकता है। इसके लिए पूरे देश की वोटरलिस्ट को इसमें समाहित करना पड़ेगा। इसके लिए वह निर्वाचन आयोग से भी मिलेंगे।


