उपेक्षित समाज के साथ राष्ट्र उत्थान के लिए आजीवन संघर्षरत रहे बाबा साहब: विनायक राव देशपाण्डेय

उपेक्षित समाज के साथ राष्ट्र उत्थान के लिए आजीवन संघर्षरत रहे बाबा साहब: विनायक राव देशपाण्डेय

नई दिल्ली।PNI News। बाबा साहब आम्बेडकर की 130वीं जयन्ती पर विश्व हिन्दू परिषद ने उनको नमन करते हुए कहा कि बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर न सिर्फ एक संविधान निर्माता और प्रख्यात दार्शनिक विचारक और समाज सुधारक थे अपितु, एक ऐसे राष्ट्रीय महापुरूष थे जिन्होंने सदैव राष्ट्र का चिन्तन किया और वंचित समाज के लिए काम किया। आज दक्षिणी दिल्ली के रामकृष्ण पुरम स्थित मोहनपुर के अम्बेडकर पार्क में बाबा साहब को माल्यार्पण करने के उपरान्त उपस्थित जन समूह को संबोधित करते हुए विश्व हिन्दू परिषद के केन्द्रीय संगठन महामंत्री विनायक राव देशपांडे ने कहा कि बाबा साहब का "पढ़ो और संगठित होकर संघर्ष करो" अर्थात अन्याय के विरूद्ध लड़ो। यह वाक्य आज भी प्रेरणा देता है। उन्होने अपना सम्पूर्ण जीवन उपेक्षित बन्धुओं के उत्थान के लिए लगाया। देश विरोधी साम्यवाद की अवधारणा का जितना विरोध बाबा साहब ने किया सम्भवतः किसी और ने नहीं किया होगा।

बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर ने हमे जो संविधान दिया वह दुनिया के लिए आदर्श बना है। बाबा साहब ने अन्याय के विरूद्ध आवाज उठाई। छुआ-छूत व सामाजिक भेदभाव को मिटाने के लिए उन्होंने जो मुहिम शुरू की, विश्व हिन्दू परिषद ने अपने सामाजिक समरसता विभाग के माध्यम से उसमें अभूतपूर्व योगदान किया है। इस संबंध में पूज्य संतों के उद्घोष 'हिन्दवा: सोदरा सर्वे, न हिन्दू पतितो भवेत' के सिद्धान्त पर हम अनवरत रूप से आगे बढ़ रहे हैं। 'नेशन फर्स्ट' अर्थात राष्ट्रीयता सर्वोपरि है, यह अम्बेडकर जी का ध्येय वाक्य था। राष्ट्र कल्याण हेतु बाबा साहब के इन सिद्धांतों पर चलने की आवश्यक है। उन्होंने हमेशा से भारतीय जीवन मूल्यों को प्रोत्साहित किया और देश की स्वतंत्रता व स्वाभिमान के लिए सतत संघर्ष किया।
इस अवसर पर पूर्व विधायक अनिल शर्मा, स्थानीय निगम पार्षद तुलसी जोशी व भगत सिंह टोकस, विश्व हिन्दू परिषद के विभााग मंत्री लक्ष्मण, जिला अध्यक्ष रवि, जिला मंत्री हरि के अलावा भीम सिंह, हरि सिंह, महेन्द्र सहित अनेक वाल्मीकि समाज, जाटव समाज, प्रजापति समाज तथा वहां के स्थानीय आर डब्लू ए के लोग शामिल हुए। कार्यक्रम में कोरोना सम्बन्धित सभी सावधानियों का भी ध्यान रखा गया।