पशु सेवा केंद्र पर वर्षों से लटका ताला,
गाजीपुर मरदह ब्लाक अंतर्गत पशु सेवा केंद्र बंद होने से पशुपालकों को चिकित्सकीय सुविधा मयस्सर नहीं हो पा रहा है पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार की तरफ से कई योजनाएं चलाई जा रही है लेकिन सुविधाओं के अभाव में पशुपालकों को इनका लाभ मिलता दिखाई नहीं दे रहा है ।
विकासखंड बिहरा गांव स्थित पशु सेवा केंद्र पशुपालकों को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए वर्ष 1988 में स्थापित किया गया था जो शुरू से ही किराए के मकान में संचालित होता चला आ रहा था इसके करीब 5 वर्षों से अधिक समय से बंद होने के कारण दर्जनों ग्राम सभाओं में पशुपालकों को पशु चिकित्सक सुविधा मयस्सर नहीं हो पा रहा है मौजूद ग्राम वासियों ने बताया कि मजबूर होकर करीब 10 किलोमीटर दूर वीडियो ब्लॉक पशु अस्पताल या मर्दों पशु अस्पताल जाना पड़ता है कई पशुपालक प्राइवेट चिकित्सक से उपचार कराने को भी विवश है जिसमें उन्हें आर्थिक शोषण का भी शिकार होना पड़ता है इस संबंध में पशु चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉक्टर चंद्रकांत सिंह ने बताया कि पशु सेवा केंद्र पर तैनात पशुधन प्रसार कर्मचारी सोमेश्वर राम के 5 वर्ष हो जाने के कारण पशु सेवा केंद्र कर्मचारियों के अभाव में बंद है विभाग के उच्च अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है अगर देखा जाए तो विभाग इस विषय पर कितना चिंतित है वह आज भी दिखाई दे रहा है लेकिन पशुपालक इसे लेकर बहुत चिंतित है


