बेकार प्लास्टिक की बोतलों से हो रहा डस्टबिन निर्माण, एबीवीपी ने शुरू की इंटर्नशिप
जीरो वेस्ट मैनेजमेंट की दिशा में सार्थक कदम, राष्ट्रीय अधिवेशन में दिखेगी झांकी।
सस्टेनेबल डेवलपमेंट के वेस्ट रिसाइकल मॉडल का प्रयोग, युवाओं को करेगा प्रेरित
नई दिल्ली। कबाड़ से जुगाड़ की दिशा में प्रयास, एबीवीपी दे रही युवाओं को मौका।अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का 69वाँ अमृत महोत्सव वर्ष राष्ट्रीय अधिवेशन 7 से 10 दिसम्बर को दिल्ली में आयोजित होने जा रहा है। यह अधिवेशन इसलिए भी महत्वपूर्ण है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अपने 75 वर्ष की ऐतिहासिक यात्रा को पूर्ण कर रही है। इस अमृत महोत्सव वर्ष अधिवेशन में "कबाड़ से जुगाड़" विषय पर बल दिया जा रहा है। जीरो वेस्ट मैनेजमेंट की संकल्पना को चरितार्थ करते हुए एबीवीपी ने राष्ट्रीय अधिवेशन के निमित्त "कबाड़ से जुगाड़" इंटर्नशिप का आयोजन की है। जिसमें उपयोग के बाद बची हुई बेकार प्लास्टिक की बोतलों से डस्टबिन निर्माण, उनुपयोगी बोतलों के ढक्कन को पुनः उपयोग में लाते हुए राष्ट्रीय अधिवेशन के लोगों का निर्माण व वाहनों के निष्क्रिय टायरों से स्टूल निर्माण आदि पर कार्य किया जा रहा है। इस इंटर्नशिप के माध्यम से इस भव्य राष्ट्रीय अधिवेशन में सतत विकास (सस्टेनेबल डेवलपमेंट) के अपशिष्ट (वेस्ट) से ' पुनर्चक्रण * (रीसाइकल) मॉडल का प्रयोग किया जा रहा है।

एबीवीपी द्वारा चलाए जा रहे कबाड़ से जुगाड़ इंटर्नशिप में 250 छात्रों ने अपना रजिस्ट्रेशन किया जिसमें 100 छात्र चयनित हुए। चयनित छात्रों को वर्कशॉप के माध्यम से अनुपयोगी प्लास्टिक की बोतलों से डस्टबिन बनाने, बोतलों के बचे ढक्कन से राष्ट्रीय अधिवेशन का लोगो बनाने, वाहनों के निष्क्रिय एवं उपयोग में न आने वाले टायर से स्टूल बनाने आदि का प्रशिक्षण दिया गया। छात्र अपने कॉलेज की कैंटीन, पास के बाजारों से बेकार प्लास्टिक बोतल, टायर इकट्ठा कर करीब 100 की संख्या में डस्टबिन बना चुके हैं और अधिवेशन के लोगो व टायर स्टूल निर्माण का कार्य जारी है।

अभाविप के राष्ट्रीय अधिवेशन की व्यवस्थाओं में लगे एबीवीपी दिल्ली के प्रांत मंत्री हर्ष अत्री ने कहते हैं कि,” इस अमृत महोत्सव वर्ष राष्ट्रीय अधिवेशन में वोकल फॉर लोकल और जीरो वेस्ट मैनेजमेंट की संकल्पना पर बल दिया जाएगा। जिसके लिए हमने "कबाड़ से जुगाड़" इंटर्नशिप प्रोग्राम भी शुरु किया है, जिसकी झांकी राष्ट्रीय अधिवेशन में देखने को मिलेगी। अधिवेशन स्थल पर हमें कूड़े रखने के लिए डस्टबिन, अधिवेशन का लोगो बनाने, बैठने के लिए स्टूल आदि की आवश्यकता होगी जिसके लिए यह इंटर्नशिप सार्थक सिद्ध होगा सस्टेनेबल डेवलपमेंट के वेस्ट रिसाइकल का एक उत्तम उदाहरण बनकर युवाओं को प्रेरित करेगा।”

पूर्व में डूसू की सह सचिव रहीं शिवांगी खरवाल जो वर्तमान में अभाविप की दिल्ली प्रांत की छात्र प्रमुख है और इस कबाड़ से जुगाड इंटर्नशिप का कार्य देख रही हैं, उन्होंने बात चीत में बताया, "इतने भव्य राष्ट्रीय अधिवेशन में, जिसमें दस हज़ार की संख्या में छात्र सहभागी होंगे उसमें आपूर्ति एवं कचरा प्रबंधन हमारे लिए बड़ी चुनौती थी। हमने निश्चय किया की हम जीरो वेस्ट की नीति अपनाएंगे और इस तरह हमने कबाड़ से जुगाड इंटर्नशिप की योजना बनाई।
दिल्ली विश्वविद्यालय के सभी कॉलेजों से आवेदन करने वाले छात्रों का इस इंटर्नशिप के लिए उत्साह हमारा संबल बना। हमने चयनित छात्रों को ट्रेनिंग दी और हमने भी उनसे बहुत कुछ सीखा। 100 छात्र लगातार इस मुहिम को पूरा करने के लिए मेहनत के साथ काम कर रहे हैं। यह वेस्ट को रिसाइकल करने का मॉडल, राष्ट्रीय अधिवेशन में देश विदेश से आने वाले दस हजार युवाओं के लिए पर्यावरणीय सजगता का प्रेरणा स्त्रोत बनेगा।"


