लोकगायिका विजया भारती बनी मन की बात के 100 वें संस्करण की प्रत्यक्ष साक्षी

लोकगायिका विजया भारती बनी मन की बात के 100 वें संस्करण की प्रत्यक्ष साक्षी

भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी के 'मन की बात' के 100 वें संस्करण के प्रसारण का प्रत्यक्ष साक्षी बनने के लिए अत्यंत चुनिंदा लोगों में शामिल होने के लिए जानी मानी लोकगायिका विजया भारती को भी आमंत्रित किया गया है।

लोकगायिका विजया भारती ने कहा कि मै इसे ऐतिहासिक क्षण और अपने लिए गर्व का विषय मानती हूँ और इसके लिए भारत सरकार खास तौर से सूचना प्रसारण मंत्रालय, आकाशवाणी और स्वयं प्रधानमंत्री मोदी का हृदय से आभार व्यक्त करती हूँ।

भारत की 18 भाषाओं में लोकगीत गाने वाली प्रतिष्ठित लोकगायिका व कवयित्री विजया भारती को इससे पहले भी प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं पत्र लिखकर बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ तथा नारी कुपोषण के प्रति अभियान में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया था। 

आकाशवाणी और दूरदर्शन की ए ग्रेड कलाकार, महुआ टी वी पर चार साल तक लगातार मॉर्निंग शो बिहाने बिहाने की एंकर, गायिका व प्रस्तुतकर्ता रहीं विजया लोकसंगीत में अश्लीलता के खिलाफ़ बरसों से आवाज़ उठाती रहीं हैं। महात्मा गाँधी के 150 साल पूरे होने पर उन्होंने आजादी के समय के लोकगीतों में गांधी और आजादी पर विशेष कार्यक्रम तैयार किया था। दुनिया के 20 देशों में लोकगीतों की शानदार प्रस्तुति देकर लोकप्रियता हासिल कर चुकी विजया लोक संस्कृति की एक सशक्त हस्ताक्षर भी हैं। 

उनकी कविताओं के अब तक चार संग्रह प्रकाशित हो चुके हैं। इसी वर्ष देशभक्ति की भावना से परिपूर्ण उनके काव्य संग्रह "वतन पे कुर्बान" का लोकार्पण भारत सरकार के केन्द्रीय सड़क परिवहन राज्य मंत्री व पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वी के सिंह ने किया था। जबकि उनके प्रथम काव्य संग्रह "रंग पिया का सोहना" का विमोचन वर्ष 2019 में गोवा की राज्यपाल श्रीमती मृदुला सिन्हा जी ने किया था।