पत्रकार को धमकाने और अचार संहिता मामले में दोषमुक्त हुए ओपी सिंह

पत्रकार को धमकाने और अचार संहिता मामले में दोषमुक्त हुए ओपी सिंह

गाजीपुर में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी शरद कुमार चौधरी की अदालत ने मंगलवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री व जमानियां से सपा विधायक ओमप्रकाश सिंह को छह साल पूर्व धमकाने और आचार संहिता उल्लंघन के मामले में दोषमुक्त कर दिया। वर्ष 2017 में नामांकन के दौरान तय संख्या से अधिक की भीड़ लेकर नामांकन करने पहुंचे ओमप्रकाश सिंह पर दस्ता मजिस्ट्रेट दीनदयाल राम ने कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें ओमप्रकाश सिंह के अलावा कुछ अन्य लोग भी आरोपी थे।

वहीं दूसरा केस अजित कुमार सिंह ने 5 अगस्त 2017 को दर्ज कराया था। इसमें आरोप था कि तत्कालीन पर्यटन मंत्री ओमप्रकाश सिंह ने मोबाइल पर गाली गलौज देते हुए देख लेने की धमकी दी। पुलिस ने दोनों ही मामलों में विवेचना के बाद आरोप पत्र पेश किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन की तरफ से कुल पांच गवाह पेश किये गए। दोनों तरफ की बहस सुनने के बाद कोर्ट ने साक्ष्य नहीं मिलने पर ओमप्रकाश सिंह एवं अन्य को दोषमुक्त कर दिया।

सपा सरकार में पर्यटन मंत्री रहे ओम प्रकाश सिंह पर गाजीपुर के एक पत्रकार ने धमकी देने का आरोप लगाया है। एक हिन्दी समाचार पत्र के पत्रकार को यूपी के पूर्व कैबिनेट मंत्री द्वारा फोन पर जमकर भद्दी गालियां देने वाला ऑडि‍यो खूब वायरल हुआ है। खिलाफ खबर छापने पर बिफरे पूर्व मंत्री नें पत्रकार को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी है। पीड़ित पत्रकार ने एसपी को लिखित तहरीर देकर पूर्व मंत्री के खिलाफ कार्यवाही और अपनी सुरक्षा की मांग की है