जिला पंचायत के द्वारा लगे एल ई डी फ्यूज, विभाग एक्सन मे

गाजीपुर : जिला पंचायत से गांवों में लगायी जा रही पौने नौ करोड़ की 25 हजार एलईडी के फ्यूज होने की एक प्रिन्ट मिडिया में प्रकाशित खबर का संज्ञान लेते हुए अपर मुख्य अधिकारी ने ठेकेदार का नौ हजार एलईडी का करीब तीन करोड़ 15 लाख का भुगतान रोक दिया है। साथ ही जियो टैगिंग भी शुरू कर दी गई है। विभागीय टीम से सत्यापन कराने के बाद ही पंचायतों को हस्तानांतरण किया जाएगा।

जिला पंचायत से ग्राम पंचायतों में करीब 25 हजार एलईडी लगाई जा रही है। एक लाइट की कीमत करीब 35 सौ रुपये है। जैम पोर्टल के माध्यम से वाराणसी की बाबा विश्वनाथ इंटरप्राइजेज को पंचायतों में एलईडी लगाने का ठेका दिया गया है। कंपनी के लगाने के साथ ही एलईडी खराब होने की शिकायतें मिलनी शुरू हो गईं। बारिश होने पर ग्राम पंचायतों में करीब 50 प्रतिशत से अधिक लाइटें खराब हो गईं। दैनिक जागरण ने सात जून के अंक में ‘पौने नौ करोड़ की लाइटें होने लगी फ्यूज’ शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर प्रकाशित होने के बाद जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी सुजीत मिश्रा ने ठेकेदार को नोटिस जारी कर सभी लाइटों को ठीक कराने का निर्देश दिया है। साथ ही नौ हजार लाइटों का भुगतान करीब तीन करोड़ 15 लाख रोक दिया है। जिला पंचायत ने एलईडी की जांच शुरू कर दी है। सभी का जिओ टैगिंग कराया जा रहा है, ताकि एलईडी लगने के स्थान का सत्यापन हो सके। अपर मुख्य अधिकारी ने इसका सत्यापन कराने के लिए टीम गठित की है, जो गांवों में लाइटों का सत्यापन कर रही है।

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कार्यदायी संस्था से एलईडी लगे गांवों की सूची मांगी गई है, ताकि सत्यापन व जिओ टैगिंग के बाद ग्राम पंचायतों को हैंडओवर किया जा सके। ग्राम पंचायतों को हस्तानांतरण से पहले सभी लाइटें ठीक होनी चाहिए। इसके लिए संस्था का करीब नौ हजार लाइटों का भुगतान रोक दिया गया है। लाइटें जलने के बाद ही भुगतान किया जाएगा।

-सुजीत मिश्रा, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत।