चुनाव आचार संहिता में व्यापारियों का न हो उत्पीड़न : कुच्छल
नोएडा। चुनाव में आचार संहिता लगता है। यह अच्छी बात है। पर, यह उतना ही जरूरी है कि व्यापार जिस तरीके से चलता है, वह प्रभावित ना हो, चलता रहे। वैसे, व्यापार दिन-रात बारह महीने चलते रहता है। ऐसे में चुनाव के बीच व्यापारियों द्वारा भेजे गए माल की जांच- पड़ताल के नाम पर उन्हें उत्पीड़न न करना चाहिए। उपरोक्त बातें उत्तरप्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, नोएडा के अध्यक्ष नरेश कुच्छल ने एक वक्तव्य में कही है।
उन्होंने कहा कि शहर के व्यापारी शहर से बाहर विभिन्न क्षेत्रों, गांवों, देहातों अथवा आदिवासी इलाकों की दुकानों में माल भेजते रहते हैं तथा समय-समय पर अपने पैसे की वसूली भी करते हैं। इससे काफी बड़ी रकम उनके पास जमा रहती है।
इसी प्रकार सोना-चांदी के व्यापारी व अन्य सामानों के व्यापारी अपनी गाड़ियों में माल भरकर गांव-गांव बेचते हैं। सामान के पैसे जमा करते हैं। इस तरह से व्यापारियों के पास बहुत सारा पैसा और सोना-चांदी आभूषण आदि व्यापार संबंधित रहते हैं।
इसी के साथ ग्रामीण क्षेत्र से बहुत से लोग नकद पैसे लेकर शहर में खरीदारी करने आते हैं। चुनाव में भ्रष्टाचार ना हो, पैसे से चुनाव प्रभावित न हो, इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग दिशा-निर्देश देता रहता है। परंतु, अर्थव्यवस्था चलाने के लिए व्यापारियों को नकद, सोने चांदी के आभूषण आदि लेकर यात्रा करना अनिवार्य है, तो दूसरी तरफ पैसे का चुनाव में दुरुपयोग ना हो यह भी सुनिश्चित करना जरूरी है।
नरेश कुच्छल ने कहा कि कैश ट्रांजैक्शन के मामले में सिर्फ राजनीतिक से संबंधित व्यक्तियों के ही धन की जांच की जाए तथा व्यापारी गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाले धन को इससे मुक्त रखा जाए। साथ ही व्यापारियों के निजी वाहनों को चुनाव में इस्तेमाल के लिए ना बुलाया जाए, क्योंकि व्यापारी अपने व्यापार व परिवार के इस्तेमाल के लिए गाड़ी रखता है।
उन्होंने कहा कि अधिकांश व्यापारियों के पास ड्राइवर नहीं है। अधिकांश तौर पर अकेला व्यक्ति काम करने वाला है। दुकान या उद्योग बंद कर कर चुनाव लड़ाने नहीं जा सकता। अधिकांश व्यापारियों के घर में बीमार हुए बुजुर्ग व्यक्ति मौजूद है जिनकी देखभाल में भागदौड़ के लिए गाड़ी का घर में होना आवश्यक है। अतः टैक्सी टूर्स एंड ट्रैवल्स में चलने वाले वाहन तथा सरकारी वाहनों को ही चुनाव में इस्तेमाल करने के लिए अधिकृत किया जाए, अन्य प्राइवेट वाहनों को इससे मुक्त रखा जाये।
उन्होंने कहा कि व्यापारी, उद्यमी व खुदरा व्यापारी अगर दिन भर अपना व्यापार करेगा तो वह रुपया कहां ले जाएगा? दिन में अगर व्यापारी अपने रुपए को बैंक में जमा नहीं करेगा तो आगे व्यापार कैसे करेगा? उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर चेकिंग के नाम पर उद्यमी व्यापारी का शोषण उत्पीड़न बंद न हुआ तो जल्द ही संगठन का प्रतिनिधिमंडल मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलकर शिकायत दर्ज कराएगा।


