हद है यह कैसा ग्राम प्रधान
गाजीपुर : ग्राम प्रधान को पता नहीं और तहसीलदार ने पट्टा आवंटित कर दिया। यह मामला है जखनियां तहसील के ग्राम पंचायत बिजहरा का। प्रधान रामपूजन राजभर सोमवार को अमृत सरोवर के तहत पोखरी की खोदाई कराने पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि तहसील प्रशासन ने ग्राम पंचायत की पोखरी (तालाब) को मत्सय पालन करने के लिए दस वर्ष के लिए पट्टा कर दिया है। इसी दौरान कोमल व रबिता देवी सामने आ गए और बताया कि यह पोखरी मेरे नाम से मछली पालन के लिए पट्टा है।
ग्राम प्रधान रामपूजन राजभर ने बताया कि तहसील स्तर के अधिकारियों व कर्मचारियों की मिली-भगत से ग्राम पंचायत से बिना प्रस्ताव पास कराए तथा ग्राम प्रधान व भूमि प्रबंधन समिति को बिना संज्ञानित किए मनमाने ढंग से पट्टा आवंटित किया जा रहा है। बिजहरा ग्रामसभा की पोखरी को पांच नवंबर 2021 को बिना सूचना दिए कोमल व रबिता देवी पत्नी मनोज के नाम अवैधानिक रूप से पट्टा कर दिया गया। विदित हो कि पोखरी दो एकड़ से भी अधिक है। जिसको मात्र 50 हजार रुपये में दस वर्ष के लिए पट्टा आवंटन कर दिया गया है। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्राम समाज की भूमि के आवंटन के लिए खुली बैठक आयोजित कर भूमि प्रबंधन समिति के प्रस्ताव पारित करने के बाद पट्टा आवंटित किया जाता है।
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ग्राम प्रधान अगर प्रार्थना पत्र देते हैं तो इसकी जांच कराई जाएगी और दोषी पाए जाने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- सत्येंद्र मौर्या, नायब तहसीलदार जखनियां।


